बीजेपी ने पटना के विकास के दावे से AI एडिटेड वीडियो शेयर किया
बूम ने वीडियो बनाने वाले कंटेट क्रिएटर से संपर्क किया जिन्होंने बताया कि उन्होंने पटना के असली विजुअल में एआई की मदद से लाइटिंग बढ़ाकर दिखाया है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और इसके नेताओं ने बिहार की राजधानी पटना का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें रोशनी से जगमगाती दिख रही सड़कों पर बाइक और गाड़ियां दौड़ती नजर आ रही हैं. इसके साथ लिखा गया है कि एनडीए सरकार के नेतृत्व में बिहार में विकास का वादा पूरा किया गया है.
बूम ने वीडियो क्रिएट करने वाले पटना निवासी व्लॉगर से संपर्क किया जिन्होंने 2 जून 2026 को इसे इंस्टाग्राम पर शेयर किया था. कंटेट क्रिएटर ने बूम को बताया कि वीडियो में दिखाई गई लोकेशन वास्तविक हैं, हालांकि AI एडिटिंग टूल की मदद से इसमें अलग से लाइटिंग जोड़ी गई है.
इसके अलावा, हमने एक स्थानीय पत्रकार से संपर्क किया, जिन्होंने पुष्टि की कि वीडियो में दिखाई गई लोकेशन जेपी गंगा पथ, बेली रोड और अटल पथ हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वीडियो में दिखाई देने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर को एक्स्ट्रा लाइटिंग इफेक्ट के साथ दिखाया गया है.
दावा क्या है
बीजेपी ने 3 जून 2026 को आधिकारिक एक्स हैंडल से वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'चौंकिए मत,ये बिहार की राजधानी पटना है! जहां भाजपा- NDA सरकार, वहां विकास की तेज रफ्तार...'
हालांकि अगले दिन बीजेपी ने वीडियो को डिलीट कर कुछ देर बार दोबारा पोस्ट किया. वीडियो को बीजेपी बिहार और बीजेपी झारखंड के अलावा पटना साहिब से लोकसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी शेयर किया.
हमें क्या मिला:
वीडियो में कई गड़बड़ियां
वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें कई गड़बड़ियां दिखीं जैसे- ब्लू साइनबोर्ड में पटना उच्च न्यायालय, सचिवालय और हवाई अड्डे में हिंदी अक्षर विकृत और असामान्य नजर आते हैं. इस तरह की गलतियां AI की मदद से तैयार या एडिट किए गए कंटेंट में अक्सर देखी जाती हैं.
इसके अलावा वीडियो में दिख रही कई बाइक के नंबर प्लेट पर भी कुछ नहीं लिखा है और एक जगह पुल का पिलर भी असामान्य तरीके से मुड़ा हुआ लग रहा है.
वीडियो को शेयर करने वाला क्रिएटर
इसके बाद हमें पटना के एक क्रिएटर के इंस्टाग्राम पेज पर 2 जून 2026 को पोस्ट किया गया स्पष्ट वीडियो मिला. बूम ने क्रिएटर उज्ज्वल सिंह से संपर्क किया जिन्होंने बताया कि उन्होंने पटना की असली जगहों के विजुअल को इस्तेमाल कर उसमें एआई की मदद से सफेद रोशनी जोड़ी है.
हमें उज्ज्वल की प्रोफाइल पर कई मिलते-जुलते वीडियो मिले जिन्हें एआई की मदद से बनाया गया था. क्रिएटर ने बाद में इसी वीडियो को लेकर बीजेपी की आलोचना की और स्पष्ट किया कि इसमें AI की मदद से जोड़े गए विजुअल शामिल हैं. इसके साथ ही, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर ओरिजनल फुटेज के दावे के साथ एक वीडियो भी शेयर किया.
आगे वेरिफिकेशन के लिए हमने वीडियो की कई AI डिटेक्शन टूल्स की मदद से जांच की. Hive Moderation ने वीडियो के AI-जनरेटेड होने की संभावना 99.4 प्रतिशत बताई. इसके अलावा, हमने वीडियो को Google के AI डिटेक्शन टूल SynthID पर भी टेस्ट किया. इस टूल ने वीडियो में ऐसे Google AI वॉटरमार्क की पहचान की जो मानव आंखों से नहीं दिखाई देते. इससे संकेत मिलता है कि वीडियो में AI-जनरेटेड तत्व शामिल हैं.
Deepfakes Analysis Unit (DAU) में हमारे सहयोगियों ने भी कई एआई डिटेक्शन मॉडल से वीडियो की जांच की. उनके विश्लेषण में वायरल वीडियो में AI की मदद से तैयार किए गए विजुअल्स के संकेत मिले.
पटना की जमीनी हकीकत
वीडियो के AI-जनरेटेड होने के आरोपों के जवाब में बीजेपी बिहार ने 5 जून 2026 को एक वीडियो कोलाज शेयर किया, जिसमें दिन के समय की पटना की उन्हीं लोकेशन दिखाया गया और शहर में हुए बुनियादी ढांचे के विकास का प्रदर्शन किया गया.
पोस्ट में इन जगहों को लोहिया पथ चक्र, अटल पथ और जेपी गंगा पथ बताया गया, जो वायरल वीडियो में दिख रही लोकेशन से मिलता है.
इसके अलावा, पटना निवासी और स्थानीय रिपोर्टर राहुल कुमार ने भी इन स्थानों का दौरा किया और नेहरू मार्ग से रिकॉर्ड किए गए वीडियो BOOM के साथ साझा किए. इन फुटेज में दिखाई देने वाली लोकेशन वायरल वीडियो में नजर आने वाली जगह से काफी हद तक मेल खाती है.
राहुल ने बूम को बताया, "इन पुलों का उद्घाटन नीतीश कुमार की सरकार में हुआ था हालांकि अब पिछले कुछ दिनों से यहां रात में लाइट अक्सर बंद रहती हैं."
अडिशनल रिपोर्टिंग: जागृति तृषा


