क्या बांग्लादेश में हिंदुओं को बचाने के लिए सड़क पर उतरा बजरंग दल? वीडियो ओडिशा का है
बूम ने पाया कि यह वीडियो अक्टूबर 2025 में ओडिशा के कटक में निकले दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस का है. इस दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया था, जिसके बाद हिंसा भड़क गई थी.

सड़क पर भगवा झंडे लहराती भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इस वीडियो में एक व्यक्ति दुकान के टीनसेड पर चढ़कर वहां लगे हरे रंगे के झंडे को हटाकर जय श्री राम लिखे भगवान हनुमान वाले भगवा झंडे को लगाता है. यूजर वीडियो को इस दावे से शेयर कर रहे हैं कि बजरंग दल के लोग बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा करने के लिए वहां सड़क पर उतर गए हैं.
बूम ने जांच में पाया कि यह वीडियो ओडिशा के कटक शहर के दरगाह बाजार इलाके का है. अक्टूबर 2025 में दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था और हिंसा भड़क हो गई थी.
गौरतलब है कि बांग्लादेश के मयमनसिंह में 18 दिसंबर 2025 को ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू शख्स दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और इसके बाद सात और हिंदू परिवारों के घर जला देने की घटना को रिपोर्ट किया गया.
भारत ने अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चत करने की मांग की थी. अमेरिका ने भी बांग्लादेश में हुई इस हालिया सांप्रदायिक घटनाओं की निंदा करते हुए धार्मिक नफरत के खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई की मांग की थी.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
फेसबुक पर एक यूजर (आर्काइव लिंक) ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'बजरंग दल के शेर बांग्लादेश में घुसे, हिंदुओं की सुरक्षा के लिए बड़ा एलान.' सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (आर्काइव लिंक) और थ्रेड्स (आर्काइव लिंक) पर भी इसी दावे से यह वीडियो वायरल है.
पड़ताल में क्या मिला ?
बूम ने देखा कि वायरल वीडियो को मूल वीडियो से फ्लिप किया गया है क्योंकि इसमें कुछ दुकानों और आउटलेट पर लगे बोर्ड में लिखे नाम उलटे (मिरर किए हुए) दिखाई दे रहे हैं. हमने गूगल मैप पर इन दुकान के नाम (Renu Store) को सर्च किया तो पाया कि यह वीडियो ओडिशा के कटक शहर का है.
इन्हीं संकेतो के आधार पर संबंधित कीवर्ड और गूगल रिवर्स इमेज सर्च से हमें सोशल मीडिया पर अक्टूबर 2025 वाले कई पोस्ट (यहां, यहां और यहां) मिले, जिसमें इस घटना को दिखाया गया है.
एक इंंस्टाग्राम पेज popinions.in ने 6 अक्टूबर 2025 को इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा कि ओडिशा के कटक में 3 तारीख की देर रात हाथी पोखरी के पास दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसके बाद 36 घंटे का कर्फ्यू और 24 घंटे का इंटरनेट बैन लगाया. ज्यादा तेज डीजे बजाने पर लोगों की आपत्ति हुई जिसके कारण संघर्ष शुरू हो गया, इसमें पुलिस उपायुक्त सहित कम से कम 25 लोग घायल हो गए.
हमें इस घटना की कई मीडिया रिपोर्ट (टाइम्स ऑफ इंडिया, द हिंदू और OTV ) मिलीं. द हिंदू की 6 अक्टूबर की रिपोर्ट में बताया गया कि 3 अक्टूबर की शाम को विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ व्यक्तियों का आपसी झगड़ा हो गया था, जिसके बाद ओडिशा के कटक के कई थाना क्षेत्रों में 5 अक्टूबर की शाम से 36 घंटे का कर्फ्यू लगाया गया है ताकि दुर्गा पूजा जुलूस और विश्व हिंदू परिषद (VHP) की रैली के हिंसक होने से सांप्रदायिक तनाव न बढ़े.
न्यूजलाउंड्री पर भी इस घटना की वीडियो रिपोर्ट देखी जा सकती है. वीडियो के विवरण में बताया गया कि कटक के दरगाह बाजार इलाके में दो दिनों के बीच हिंसा की दो अलग-अलग घटनाएं हुईं. पहली झड़प 3 अक्टूबर की रात को देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन जुलूस के दौरान हुई. वहीं दूसरी घटना 5 अक्टूबर की शाम को पुलिस द्वारा विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की बाइक रैली को संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने के बाद हुई. इस घटना में आठ पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 25 लोग घायल हो गए.




