CJP प्रोटेस्ट में पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाली किशोरी का AI वीडियो भ्रामक दावे से वायरल
बूम ने पाया कि 15 वर्षीय किशोरी के मूल वीडियो में AI की मदद से छेड़छाड़ की गई है. कई AI डिटेक्शन टूल भी वीडियो के एआई जनरेटेड होने पुष्टि करते हैं.

सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी को अपशब्द कहने के बाद चर्चा में आई किशोरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर पैसे देकर वीडियो बनवाने का आरोप लगाती नजर आ रही है.
वीडियो में किशोरी कहती है, "दिल्ली जंतर मंतर पर जो गाली दी थी, वह मैं नहीं मेरी दीदी रुचिका थी. हमें अभिजीत दीपके और केजरीवाल जी ने माफी का वीडियो बनाने के लिए बोला और पैसे भी दिए."
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है. मूल वीडियो में किशोरी अपने द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्दों को लेकर माफी मांगती नजर आ रही है. कई AI डिटेक्शन टूल भी वीडियो के एआई जनरेटेड होने पुष्टि करते हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर यूजर्स ने वीडियो में दिख रही लड़की को अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाली किशोरी 'रुचिका' की बहन बताया और दावा किया कि उसके माफी वाले वीडियो को अरविंद केजरीवाल और अभिजीत दीपके ने पैसे देकर बनवाया था.
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पड़ताल में क्या मिला:
माफी मांगती किशोरी का मूल वीडियो
हमें आजतक, इंडिया.कॉम और नवभारत टाइम्स की 1 अगस्त की रिपोर्ट में किशोरी का मूल वीडियो मिला. इसमें किशोरी वायरल वीडियो में पहने गए समान कपड़ों में नजर आ रही है. इस वीडियो में वह खुद को आरोपी लड़की की बहन नहीं बता रही और न ही वायरल वीडियो जैसा कोई बयान दे रही है. मूल वीडियो में वह अपने द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्दों के लिए माफी मांगती दिख रही है.
हमने पाया कि मूल वीडियो में मौजूद लड़की का चेहरा और आवाज वायरल वीडियो से मेल नहीं खाते. साथ ही वायरल वीडियो में दिए गए बयान में भी कई भाषाई अशुद्धियां मौजूद हैं.
वीडियो में AI की मदद से की गई हेरफेर
अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो को Hive Moderation और Hiya जैसे AI डिटेक्शन टूल्स पर चेक किया. Hive Moderation ने वीडियो के AI जनरेटेड होने की संभावना 96.6 प्रतिशत जताई.
वहीं Hiya ने वीडियो की आवाज के ज्यादातर हिस्से को 6 /100 का ऑथेंटिसिटी स्कोर दिया, जो इसके AI जनित होने की संभावना को दर्शाता है.
पुष्टि के लिए हमने इसे AI डिटेक्टर टूल DeepFake-O-Meter पर भी चेक किया. इस टूल के ड्यूल लेबल डीपफेक वीडियो डिटेक्शन मॉडल ने भी वीडियो के फेक होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई.
लड़की का नाम रुचिका नहीं, क्या है पूरा मामला?
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में इस पूरे मामले पर विस्तार में बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआत में लड़की की पहचान और उम्र को लेकर कई तरह की जानकारी सामने आई. खबरों में उसे 25 वर्षीय रुचिका बताया गया और अपशब्दों के इस्तेमाल के आरोप में उसके खिलाफ जीरो एफआईआर भी दर्ज की गई. हालांकि बाद में मामले की सच्चाई सामने आने पर पता चला कि किशोरी की उम्र महज 15 साल है और रुचिका उसकी मां का नाम है. रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किशोरी की कोई बहन नहीं है.


