कनाट प्लेस पर सफेद कार का सच: पुलिस का दावा- कुछ गैरकानूनी नहीं, वीडियो में दिखा कुछ और
दिल्ली के कनाट प्लेस पर सफेद कार को लेकर पुलिस और मीडियाकर्मियों के बीच विवाद हुआ. मीडियाकर्मियों का आरोप था कि कार के अंदर लाठियां हैं लेकिन पुलिस ने बिना देखे जाने दिया.

दिल्ली के कनाट प्लेस पर 11 अक्टूबर को कुछ युवक प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी और लाठी लेकर धमकाते नजर आए. इस दौरान एक वीडियो सामने आया जिसमें कुछ मीडियाकर्मी एक कार को घेरकर उसमें लाठियां होने का दावा कर रहे थे. उन्होंने वहां मौजूद पुलिस से भी उसकी जांच कराने को कहा लेकिन दिल्ली पुलिस ने कार को बिना देखे वहां से जाने दिया.
वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने एक्स पर दावा किया कि वाहन की जांच में कुछ भी गैरकानूनी और आपत्तिजनक नहीं मिला.
पुलिस का दावा:
नई दिल्ली डीसीपी के एक्स हैंडल से वायरल वीडियो को लेकर कहा गया, "वाहन को वेरिफिकेशन के लिए पुलिस थाने ले जाया गया था. कार में मौजूद व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया. वाहन की तलाशी में कोई भी अवैध या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली. वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्लीन चिट दे दी गई."
बूम को क्या मिला-
कार की डिटेल
वायरल वीडियो में कार का नंबर UP14HA4945 दिख रहा है - UP 14 गाजियाबाद का RTO कोड है. आरटीओ रिकॉर्ड के अनुसार, Fronx Sigma 6ab कार 21 जनवरी 2026 को रजिस्टर हुई थी और रिकॉर्ड में कार ओनर का नाम G****V P****Y लिखा है. वहीं कार के आगे के शीशे में न्यू दिल्ली बार असोसिएशन और पटियाला हाउस कोर्ट का स्टिकर लगा था. कार ओनर के नाम पर 1258 रुपये का चालान भी है.
गाड़ी में बैठे शख्स की पहचान
बूम द्वारा कैप्चर किए गए कार के क्लोज शॉट में अंदर कुछ लोग बैठे नजर आ रहे हैं. पीछे की सीट पर एक शख्स ब्राउन शर्ट और ब्लू जींस पहने दिख रहा है.
हमने पाया कि कनाट प्लेस पर एक कैफे के सामने लाठी लेकर प्रदर्शनकारियों और कंटेट क्रिएटर को धमकाने वाला युवक भी इसी तरह के कपड़ों में देखा गया.
वहीं गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठे शख्स का नाम शिवम प्रताप सिंह हैं. आल्ट न्यूज के फाउंडर मोहम्मद जुबैर ने एक्स अकाउंट से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के साथ शिवम की तस्वीरें भी शेयर कीं. हालांकि शिवम ने अब अपनी इंस्टाग्राम आईडी डीएक्टिवेट कर दी है.
कार से लाठियां निकालते लोगों के फुटेज
दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने इसी कार का दूसरे एंगल से वीडियो शेयर किया जिसमें गाड़ी से कुछ लोग लाठियां निकालते दिख रहे हैं.
बूम के कैप्चर किए गए एक अन्य वीडियो में एक शख्स प्रदर्शनकारी से पोस्टर छीनता नजर आया. इसकी पहचान हिंदू गौरक्षक दल के दीपक सिसौदिया के रूप में हुई जो गाजियाबाद का रहने वाला है. हमने यह भी पाया कि कार में मौजूद सभी युवक दीपक के साथ मिलकर प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्रता कर रहे थे.
मौके पर मौजूद बूम के रिपोर्टर सृजित दास ने बताया, "यह करीब शाम 4 से 5 के बीच की बात है जब कनॉट प्लेस के ए ब्लॉक के सामने एक सफेद रंग की कार को लेकर विवाद हुआ. कुछ मीडियाकर्मियों ने कहा कि उन्होंने इस कार से लोगों को लाठियां निकालते देखा है. एक मीडियाकर्मी ने कार की जांच करने को कहा और इस पर पुलिस से उसकी कहासुनी भी हुई. मैंने भी कार के अंदर का विजुअल लेने की कोशिश की लेकिन उसकी विंडो पर ब्लैक फिल्म लगी थी जिससे कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था."
सृजित ने बताया कि लोगों के विरोध के बावजूद पुलिस ने बिना किसी जांच के कार को वहां से जाने दिया.


