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पुलवामा हमले को बीजेपी की साज़िश बताने का दावा करने वाला फ़र्ज़ी ऑडियो क्लिप हुआ वायरल

पुलवामा हमले को बीजेपी की साज़िश बताने का दावा करने वाला फ़र्ज़ी ऑडियो क्लिप हुआ वायरल

अवि डांडिया द्वारा शेयर की गई क्लिप में कथित रुप से बीजेपी प्रमुख अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और एक अज्ञात महिला के बीच बातचीत हो रही है और चर्चा की जा रही है कि राष्ट्रवादी भावनाओं को जगाने के लिए सैनिकों पर हमला किया जाए

अवि डांडिया द्वारा 2 मार्च को पोस्ट किए गए एक फ़ेसबुक लाइव ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है । इस पोस्ट को 2.5 मीलियन से ज़्यादा बार देखा गया है और डेढ़ लाख से ज़्यादा बार शेयर किया गया है। वीडियो में बताया जा रहा है कि कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों के काफ़िले पर हुए हालिया हमले के पीछे एक खतरनाक साज़िश है।

हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवानों की मौत हो गई थी ।

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फ़ेसबुक लाइव वीडियो में डांडिया ने दावा किया है कि पुलवामा हमला केंद्र में सत्ताधारी पार्टी – भारतीय जनता पार्टी की करतूत थी। वह अपने दावे को पुख्ता करने के लिए एक ऑडियो क्लिप भी प्रस्तुत करते है जिसमें गृह मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी प्रमुख अमित शाह और एक अज्ञात महिला के बीच कथित बातचीत रिकॉर्ड की गई है।

अवि डांडिया फ़ेसबुक पर अपने लाइव वीडियो के लिए लोकप्रिय है और मोहब्बत के दंगे नामक पेज चलाते है। फ़ेसबुक पेज पर उल्लिखित एक समान नाम वाली वेबसाइट अब उपलब्ध नहीं है।

ऑडियो क्लिप में कथित रूप से दावा किया गया है कि पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों पर 14 फरवरी के हमले की योजना बीजेपी के शीर्ष नेताओं द्वारा राष्ट्रवादी भावनाओं को उकसाने के लिए बनाई गई थी। डांडिया का फ़ेसबुक लाइव डिलीट कर दिया गया है ।

Screen shot of Avi Dandiya’s FB Live

( अवि डांडिया की फ़ेसबुक लाइव का स्क्रीन शॉट )

डांडिया के पोस्ट के आर्काइवड वर्शन यहाँ देखा जा सकता है।

फैक्टचेक

बूम ने डांडिया द्वारा प्रस्तुत ऑडियो क्लिप का विश्लेषण किया और पाया कि यह एक न्यूज़ चैनल से बात कर रहे सिंह के एक इंटरव्यू से मिलता है ।

एक ट्विटर यूज़र आरिफ खान ने इसके बारे में इंटरनेट यूज़र्स को सचेत किया था और बताया था की सिंह द्वारा शेयर की गई ऑडियो वहीं पंक्ति न्यूज़ चैनल के वीडियो में सुनी जा सकता है।

बूम ने इंटरव्यू की तलाश की और इसे इंडिया टुडे के ऑफ़िशियल यूट्यूब चैनल पर पाया है । चैनल के साथ राजनाथ सिंह का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू पुलवामा हमले के एक हफ्ते बाद 22 फरवरी को अपलोड किया गया था।

( पुलवामा हमले के बाद इंडिया टुडे के साथ राजनाथ सिंह का विशेष इंटरव्यू )

मूल वीडियो में, सिंह हिंदी में कहते हैं, बहोत बेबुनियाद ये सब आरोप हैं और मैं समझता हूँ इस प्रकार से इतने बहादुर जवानों की शहादत पर इस प्रकार राजनीत नहीं की जानी चाहिए।

सिंह आज तक की एंकर की इस टिपण्णी का जवाब दे रहे थे: सबसे पहला जो आरोप उन्होंने (कांग्रेस) लगाया वो ये की, उनके शब्द हैं, प्रधानमंत्री जिम कॉर्बेट में चाय समोसा खा रहे थे।

अवि डांडिया द्वारा दिए गए ऑडियो को इंटरव्यू से निकाला गया है, जिसमें सिंह को कहते हुए सुना जा सकता है – मैं मानता हूँ की बहादुर जवानों की शहादत पर इस तरह की राजनीति की जानी चाहिए।

मूल वीडियो में से ‘नहीं’ शब्द को डांडिया के वीडियो से एडिट किया गया है।

ऑडियो क्लिप में राजनाथ सिंह का समान बयान दो बार आता है।

ऑडियो क्लिप की शुरुआत में अमित शाह को यह कहते हुए सुना जा सकता है: चुनाव के लिए युद्ध कराने की ज़रूरत है।

हालांकि, बूम को 2018 से एक वीडियो मिला, जहां ज़ी न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में अमित शाह को यही पंक्ति कहते हुए सुना जा सकता है: चुनाव के लिए युद्ध कराने की जरूरत नहीं है।

फ़िर से, मूल वीडियो में सुनाई देने वाले शब्द ‘नहीं’ और ‘कोई’ को डांडिया के वीडियो से एडिट कर दिया गया है।

वीडियो 23 नवंबर, 2018 को प्रकाशित हुआ

हालांकि, हम दोनों राजनेताओं के अन्य बयान नहीं पा सके, अन्य इंटरव्यू से उठाए गए राजनाथ सिंह के बयान, पर्याप्त सबूत है कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गयी है ।

यह वीडियो ना केवल भारत में बल्कि पाकिस्तान में भी वायरल हो गया है जहाँ इसे dailycapital.pk, siasat.pk और thepost.com.pk सहित कई वेबसाइटों पर प्रसारित किया गया है।

फैक्ट-चेकिंग साइट Altnews ने पहले डांडिया के वीडियो की असलियत बताई थी और बताया था कि यह छेड़छाड़ किया गया वीडियो है।

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Claim Review : पुलवामा आतंकी हमला भाजपा की साज़िश थी

Fact Check : FALSE

Sumit is a fact checker and the News Editor of Boom's Hindi wing. In the six years of his journalistic career, he has worked with the New Indian Express, Times of India and Deccan Chronicle. The dynamic nature of digital media finally made him take the leap from print to online, and don the hat of a digital detective.

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