क्या प्रियंका चतुर्वेदी ने फौजियों को फांसी से लटकाने की गुहार लगाई ?

फौजियों ने घसीटी आतंकियों की लाश: क्या प्रियंका चतुर्वेदी ने वाकई फौजियों को फांसी से लटकाने की गुहार लगाई ? दावा: कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय संवादाता प्रियंका चतुर्वेदी ने ये बयान दिया: जिस फौजी ने बेकसूर आतंकवादी को घसीटा उसको फांसी नहीं हुई तो देश में आग लगा देंगे | रेटिंग: झूठ तथ्य: योगी सरकार नाम के एक फेसबुक पेज ने, जहां यह पहली बार सितम्बर 17 को पोस्ट किया गया, इस बयान का सम्बन्ध कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी से जोड़ा. गौरतलब है की फेसबुक पर योगी सरकार पेज के 4,80,000 फॉलोवर्स हैं और ये पोस्ट 6,200 से भी ज़्यादा बार शेयर किया गया है। सितम्बर 13,2018 को आतंकवादी गुट जैश-ऐ-मोह्हमद के तीन आतंकियों को भारतीय सेना के जवानो ने मुठभेड़ में जम्मू कश्मीर के रेसाई ज़िले में मार गिराया था | मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों को सेना के जवानों ने ज़ंजीरों में बाँध कर घसीटा था| हालाँकि भारतीय सेना के विशेषगीयो का मानना है की ऐसा एक 'सेफ्टी प्रोटोकॉल' के तहत किया गया ताकि अगर आतंकियों के शवों पर जानलेवा ग्रेनेड या I.E.D जैसे विस्फोटक लगे हुए हो तो कोई भी हादसा हो सकता है।
https://platform.twitter.com/widgets.js प्रियंका चातुर्वेदी का नाम इस पोस्ट के साथ उसी प्रसंग में जोड़ा जा रहा है | बूम टीम की खोज बीन के बाद यह बात सामने आयी की इस तरह का कोई भी बयान, किसी भी मीडिया सम्बंधित वेबसाइट पर नहीं पाया गया। हालाँकि की चतुर्वेदी ने एक ट्वीट द्वारा यह साफ़ कर दिया है उपरोक्त बयान से उनका कोई संबंध नही है|
https://platform.twitter.com/widgets.js इसी कहानी से मिलता जुलता और एक पोस्ट वायरल हुआ जिसमे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राशिद अल्वी का नाम भी जोड़ा जा रहा है। बूम ने जब बात की रशीद अल्वी आतंकवादियों की लाशोको घसीटने के सन्दर्भ में तो उन्होंने माना और कहा की , "हां ! मैंने ये बात जरूर कही पर मेरे बयान को पूरी तरह देखा और समझना जरुरी है।  फेसबुक अकाउंट तो नहीं है। पर मैंने किसी चैनल को ये जरूर कहा की आतंकवादियों को जब गोली मार दी जाती है, इनकी सजा पूरी हो जाती है। अब तो वे डेड बॉडी है और अब उन्हें घसीटो,दबावों के जलाओ उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर उसकी डेडबॉडी को घसीटोगे तो उसके परिवार को तकलीफ होगी। जसिका कोई गुनाह नहीं है। यह मैंने कहा है और उसे मई आपके सामने दोहरा रहा हु।" राशिद अल्वी के इस पोस्ट को औसतन 9000 बार से ज़ादा शेयर किया गया।
अन्य मौके जब चतुर्वेदी पे निशाना साधा गया। ऐसा पहली बार नहीं है की प्रियंका चतुर्वेदी, फेक कोट कि शिकार बनी है। हाल ही में मंदसौर रेप कांड के बाद एक बेबुनियाद बयान चतुर्वेदी के साथ जोड़ा गया | बयान के अनुसार कांग्रेस प्रवक्ता ने ना केवल बलात्कारी से हमदर्दी दिखाई, बल्कि ये भी कहा की पार्टी उसके साथ खड़ी है | इस बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चतुर्वेदी और उनकी दस-साल की बेटी को काफी धमकिया मिली | ट्विटर पर एक व्यक्ति ने चतुर्वेदी की दस साला की बेटी के साथ बलात्कार करने की धमकी भी दी | बाद में उसके खिलाफ पुलिस कार्यवाही भी हुई थी |
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