क्या पुलिस की बदसुलूकी का यह वीडियो आंध्र प्रदेश के तिरुमला मंदिर से है? फ़ैक्ट चेक

बूम ने पाया की यह वीडियो पांच साल पुराना है | ऐ.पि.एन न्यूज़ नामक एक वेबसाइट में वर्ष 2014 में अपलोड किये गए इस वीडियो को मथुरा, उत्तर प्रदेश का बताया गया है
Mathura Temple-Fake claim

फ़ेसबुक पर एक वीडियो हज़ारों की संख्या में शेयर किया जा रहा है | इस क्लिप में एक मंदिर की कतार में खड़े लोगों को एक पुलिसकर्मी धक्का दे रहा है और मार रहा है | इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है | दावा किया जा रहा है की आंध्र प्रदेश के तिरुमला मंदिर में एक गैर हिन्दू पुलिसकर्मी हिन्दू भक्तों को मार रहा है |

आपको बता दें की यह दावा ग़लत है |

वीडियो क्लिप में लाल रंग के घेरे में एक पुलिसकर्मी पर फ़ोकस किया गया है जो कतार में खड़े लोगों के साथ बदसलूकी कर रहा है | उसे एक महिला से बहस करते भी देखा जा सकता है |

आप इस तरह की कुछ पोस्ट्स नीचे देख सकते हैं |

यहाँ आर्काइव्ड वर्शन देखें |

यहाँ आर्काइव्ड वर्शन देखें |

Screenshot of the tweet with viral videoclip
ट्वीट का स्क्रीनशॉट

यह वीडियो दो साल से वायरल हो रहा है | यूट्यूब और फ़ेसबुक पर इसे तिरुमला का बता कर 2017 से शेयर किया जा रहा है | अमरावती - AP Capital नामक पेज पर शेयर हुआ यह वीडियो करीब एक लाख छब्बीस हज़ार बार शेयर हो चूका है एवं हज़ारो कमैंट्स किये जा चुके हैं |

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वीडियो को कीफ्रेम्स में तोडा तथा रिवर्स इमेज सर्च कर पाया की यह वीडियो यूट्यूब पर 2014 से मौजूद है | हमें हिंदी में "भक्तों से धक्का मुक्की" कीवर्ड्स सर्च कर ए.पी.एन न्यूज़ के यूट्यूब चैनल पर हमें पांच साल पुराना यह वीडियो क्लिप मिला | इसमें वायरल क्लिप को मथुरा के बांके बिहारी मंदिर की घटना बताया गया है |

Youtube search results' screenshot
यूट्यूब सर्च रिजल्ट्स

इस यूट्यूब वीडियो में बताया गया है की भीड़ होने की वजह से बांके बिहारी मंदिर में पुलिसकर्मियों ने धक्का मुक्की की | कई भक्तों को बिना दर्शन ही वापस जाना पड़ा | न्यूज़ बुलेटिन ने मंदिर की सुरक्षा पर भी कई सवाल खड़े किये हैं |



बूम स्वतंत्र रूप से यह नहीं बता सकता की यह वीडियो मथुरा से ही है | खोज के दौरान ए.पी.एन न्यूज़ द्वारा बताया गया है की वीडियो बांके बिहारी मंदिर का है |

Claim Review :   तिरुमला में गैर हिन्दू पुलिस ने हिन्दू भक्तों से की बदसलूकी
Claimed By :  Facebook pages and Twitter handles
Fact Check :  FALSE
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