आंध्र प्रदेश के एलुरु में पनपी 'रहस्य्मय' बिमारी: जानिये जरूरी बातें

पश्चिम गोदावरी ज़िले के एलुरु शहर में पिछले हफ़्ते लोग अचानक लोग बीमार पड़ने लगे | अब तक एक की मृत्यु हुई है और 550 से ज़्यादा बीमार रिपोर्ट हुए हैं |

पिछला हफ़्ता आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के एलुरु (Eluru) में लोगों के लिए विचित्र रहा | इस रहस्य्मय बिमारी (mystery disease) का पहला मामला 5 दिसंबर 2020 को रिकॉर्ड किया गया | तब से सैकड़ों लोग अचानक बीमार पड़ने लगे | लक्षणों में मिर्गी आना (Fits), बेहोशी और जल्द ही ठीक हो जाना कॉमन है | यह संक्रामक रोग नहीं है |

जितने लोग भर्ती हुए उनमें से ज़्यादातर चंद घंटों में ठीक हो गये हैं | आज कुछ दिनों बाद अखिल भारतीय आरोग्य संस्थान यानी एम्स (AIIMS), दिल्ली, की टीम ने अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट में बताया है कि मरीज़ों ने खून में भारी धातु लीड (Lead) यानी सीसा और निकल (Nickle) मिले हैं |

एलुरु सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ ए.वी मोहन ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "एम्स के लिए हमनें जो नमूना भेजा था वह छोटा था, लेकिन उनकी रिपोर्ट में रोगियों के रक्त के नमूनों में सीसा और निकल जैसी भारी धातुओं की मौजूदगी का संकेत दिया गया है। हमने और नमूने भेजे हैं और उनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।"

मुख्य बातें:

  1. एक की मौत 550 से ज़्यादा बीमार
  2. मुख्य लक्षण मिर्गी और बेहोशी
  3. अधिकतर बीमार मिनटों में हो रहे ठीक
  4. विश्व स्वास्थ संगठन और केंद्र सरकार की टीमें मौजूद

इंडियन एक्सप्रेस की ही रिपोर्ट के मुताबिक़ डॉ मोहन का कहना है, "जिन 550 लोगों को भर्ती किया गया था उनमें से अब केवल 84 अस्पतालों में हैं और उन्हें भी जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी।"

वैज्ञानिकों, स्वास्थ अधिकारियों, म्युनिसिपल और रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों को इकठ्ठा कर यह ढूंढने की कोशिश की जा रही है कि यह 'मेटल पोइज़निंग' खराब पानी पीने से तो नहीं हुआ है | जांच जारी है | हैदराबाद के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ नुट्रिशन ने मरीज़ों के घर से पानी, दूध, चावल, सब्जियों के नमूने लिए हैं | जांच के रिजल्ट एक हफ़्ते में संभावित हैं |

एम्स, मंगलगिरि, भी अपनी रिपोर्ट इस हफ़्ते में दे सकता है | एम्स दिल्ली की टीम जांच कर रही है कि भारी धातु अंदर कैसे गयी | इसके अलावा विश्व स्वास्थ संगठन (WHO) और केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय (Union Health Ministry) कि टीमों ने भी स्थिति जायजा लिया है |

क्या कोरोनावायरस कारण था?

नहीं, अब तक इन मरीज़ों में कोविड-19 संक्रमण नहीं पाया गया है | द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक़ डॉक्टरों का कहना है कि सभी मरीज़ों के नोवेल कोरोनावायरस के लिए टेस्ट किये गए पर परिणाम नार्मल आये थे |

Updated On: 2020-12-16T11:18:17+05:30
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