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नहीं, व्हाट्सएप्प ना बंद हो रहा है और ना इसके पैसे लगने वाले हैं

नहीं, व्हाट्सएप्प ना बंद हो रहा है और ना इसके पैसे लगने वाले हैं

मूल कंपनी फ़ेसबुक ने बताया की तकनीकी ख़राबी के चलते कुछ समय के लिए सारे ऍप्लिकेशन्स को परेशानियों का सामना करना पड़ा पर अब स्थिति नार्मल है

MARK

सोशल मीडिया पर व्हाट्सप्प के बंद होने से जुड़े कुछ दावे ज़ोर शोर से वायरल हो रहे हैं | जबकि एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया है की व्हाट्सप्प रोज़ रात ग्यारह बजे से सुबह छः बजे तक बंद रहेगा, वहीँ दूसरे पोस्ट में दावा की गया है की व्हाट्सप्प की सर्विस एक सप्ताह के लिए बंद की जाएंगी | व्हाट्सएप्प, ट्विटर, और फ़ेसबुक पर कई दावों के साथ गूगल, भारतीय सरकार और नरेंद्र मोदी का नाम भी जोड़ा गया है | आपको बता दें की यह खबरें फ़र्ज़ी हैं |

एक सन्देश में तो यहाँ तक लिखा है की ज्यादा यूज़र नाम के उपयोग के चलते केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप्प को रात साढ़े ग्यारह बजे से सुबह छह बजे तक बंद करने का निर्णय लिया है | इस वायरल पोस्ट में यह भी कहा गया है की सन्देश नरेंद्र मोदी जी ने भेजा है | आगे इस सन्देश में लिखा है की यदि आप इसे दस लोगो को नहीं भेजेंगे तो आपका व्हाट्सएप्प अकाउंट अगले 48 घंटों में डिलीट हो जाएगा और वो तब शुरू होगा जब आप 499 रूपए का सब्सक्रिप्शन लेंगे |

WhatsApp
व्हाट्सएप्प पर वायरल कई दावे

अलग-अलग संदेशों में कई तरह की बातें बताई जा रहीं हैं | दावा ये भी किया जा रहा है की व्हाट्सएप्प का मुख्य सर्वर ख़राब हो गया है और इसे ठीक करने में काफ़ी लम्बा वक़्त लगेगा | इस सन्देश में लिखा है ‘ब्रेकिंग न्यूज..भारत के अंदर व्हाट्सएप का मुख्य सर्वर हुआ खराब। आप डाउनलोड नहीं कर सकते कोई भी वीडियो फ़ोटो व्हाट्सएप कंपनी की मानें तो अभी काफी समय लग सकता है स्थिति सही होने में…|’ वहीँ एक अन्य सन्देश, जो अंग्रेजी में है, दावा करता है ‘प्रिय व्हाट्सएप्प उपभोक्ता, कुछ गड़बड़ियों के चलते सेटेलाइट संपर्क में परेशानी है जिसके कारण व्हाट्सएप्प एक हफ्ते के लिए बैन किया गया है | आप तस्वीरों, वीडियो और वौइस् रिकॉर्डिंग नहीं डाउनलोड कर सकेंगे – गूगल |

इस साल मार्च में भी एक दिन के लिए इन ऍप्लिकेशन्स को तकनीकी ख़राबी का सामना करना पड़ा था जो सिर्फ़ यूरोप और अमेरिका में देखा गया था | यहाँ पढ़ें |

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गार्डियन का आर्टिकल

फ़ैक्ट चेक

बूम ने गूगल कीवर्ड्स सर्च किया जिसमें ‘व्हाट्सएप्प’ और ‘शटडाउन’ जैसे शब्दों का इस्तमाल किया | हमने पाया की यह ख़राबी पूरी दुनिया में देखी गयी है | दुनिया भर में यूज़र्स ने फ़ोटो और वीडियो अपलोड और डाउनलोड ना होने की शिकायतें दर्ज़ करवाई हैं | इसपर द इंडिपेंडेंट नामक एक वेबसाइट ने लेख भी लिखा है | यहाँ पढ़ें |

द इंडिपेंडेंट का लेख

बूम ने फ़ेसबुक — जो मूल कंपनी है — का ट्विटर हैंडल भी देखा जहाँ फ़ेसबुक ने इन सारी शिकायतों के बाद एक ट्वीट कर अफ़वाहो को साफ़ करने की कोशिश की थी | ट्वीट में लिखा है ‘हमें ज्ञात है की लोगों को हमारी ऍप्लिकेशन्स पर फ़ोटो, वीडियो एवं अन्य फाइलों को डाउनलोड करने और भेजने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है | हमें ख़ेद है | हम इस समस्या को जितनी जल्दी हो सके हल कर रहे हैं |’

इन दावों के बीच ऍप्लिकेशन्स के बंद होने के पीछे सी.आई.ए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी, अमेरिका) का हाथ होने की आशंका भी जताई गयी जिसपर व्यंग करते हुए सी.आई.ए ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया की ‘हाँ, इंस्टाग्राम बंद होने से परेशान हम भी हैं | नहीं यह हमने नहीं किया और हम आप लोगो की एप्लीकेशन को ठीक भी नहीं कर पाएंगे | क्या आप लोगों ने ऍप्लिकेशन्स बंद करने के बाद चालू करने की कोशिश की ?’

बूम ने व्हाट्सएप्प को एक ईमेल भी लिखा ताक़ि आधिकारिक जानकारी मिल सके | हमें जानकारी मिलने पर यह लेख अपडेट किया जाएगा | हालांकि फ़ेसबुक ने इन समस्याओं को हल कर दिया है और इस बारे में ट्वीट करके जानकारी भी दी है | अब ऍप्लिकेशन्स में कोई परेशानी नहीं है और सब शत प्रतिशत ठीक है | ट्वीट में फ़ेसबुक ने लिखा ‘कुछ समय से लोगों को ऍप्लिकेशन्स इस्तमाल करने में तक़लीफ़ों का सामना करना पड़ा | जो दिक्कतें आ रही थीं उन्हें ठीक कर लिया गया है और हमें सभी के लिए अब शत प्रतिशत बापिस आ जाना चाहिए | तक़लीफ़ के लिए हम माफ़ी चाहते हैं |’

(बूम अब सारे सोशल मीडिया मंचो पर उपलब्ध है | क्वालिटी फ़ैक्ट चेक्स जानने हेतु टेलीग्राम और व्हाट्सएप्प पर बूम के सदस्य बनें | आप हमें ट्विटर और फ़ेसबुकपर भी फॉलो कर सकते हैं | )

Claim Review : सेंट्रल गवर्नमेंट के कहने पर व्हाट्सएप्प को प्रतिबंधित किया | अब लगेंगे पैसे |

Fact Check : FALSE

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He is a fact-checker and reporter at BOOM, looking actively at social media pages to track the latest trends in misinformation. He has previously interned with The Hindu and worked as a sub-editor for the broadsheet newspaper The New Indian Express. He has a Bachelor's Degree in Biotechnology from Devi Ahilya Vishwavidyalaya and a PGD in print media from the Indian Institute of Journalism and New Media, Bangalore. He is currently pursuing an MA in English literature.

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