पाकिस्तानी मंत्री ने पुराना वीडियो फ़र्ज़ी दावों के साथ किया शेयर

बूम ने पाया की वीडियो 2016 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था और इसका हाल ही में जम्मू कश्मीर में होने वाली राजनैतिक गतिविधियों से सम्बन्ध नहीं है
Kashmir-A 370

ट्विटर पर अली हैदर ज़ैदी द्वारा एक वीडियो शेयर किया जिसमें बड़ी मात्रा में लोग दिख रहे हैं | ज़ैदी पाकिस्तान की राष्ट्रिय सभा के सदस्य हैं एवं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी से संयुक्त मेरीटाइम अफेयर्स मंत्री हैं | वीडियो के साथ अंग्रेजी में कैप्शन लिखा है, "लाखों कश्मीरियों ने भारत अधिकृत कश्मीर में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 35-A के निरस्तीकरण के खिलाफ़ रैली निकाली | #मोदीसेकश्मीरकोबचाओ |" इस वीडियो में दिखाया जा रहा है की लोग 'इस पार भी लेंगे आज़ादी, उस पार भी लेंगे आज़ादी…' के नारे लगा रहे हैं |

आपको बता दें की यह दावा फ़र्ज़ी है और ऐसी कोई रैली कश्मीर में हाल में नहीं हुई | वीडियो तीन साल पुराना है | आप इस पोस्ट को नीचे देख सकते हैं एवं इसका आर्काइव्ड वर्शन यहाँ देखें |



वीडियो को इस लेख के लिखने तक 1800 बार रीट्वीट किया जा चूका है | हमनें समान कैप्शन के साथ वीडियो को फ़ेसबुक पर भी ढूंढा और हमें कई यूज़र्स द्वारा शेयर किया गया यही वीडियो मिला | इस वीडियो को कई पेजों द्वारा शेयर किया गया है जिनके फॉलोवर्स हज़ारों की संख्या में हैं | ऐसे ही कुछ पोस्ट नीचे देख सकते हैं |

Viral on FB screenshot
फ़ेसबुक पर वायरल

फ़ैक्ट चेक

बूम ने "Is paar bhi lenge azadi us paar bhi lenge azadi" कीवर्ड्स के साथ गूगल सर्च किया तो हमें समान वीडियो मिला जो दो साल पहले यूट्यूब पर अपलोड किया गया था | हालांकि स्त्रोत आधिकारिक नहीं है परन्तु इस बात की पुष्टि करता है की वीडियो यूट्यूब पर सालों से मौजूद है | जैसा की आप वीडियो के इंट्रो में देख सकते हैं परन्तु इसमें कोई और सूचना नहीं मिली | इसके बाद हमें यूट्यूब पर एक और वीडियो मिला जो इस वीडियो क्लिप का लम्बा वर्शन था |



वीडियो में देखा जा सकता है की इसे 2017 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था


यह वीडियो वायरल की गयी क्लिप का लम्बा वर्शन है जिसमें कोई नारे नहीं लगा रहा | इसमें दावा किया गया है की यह बुरहान मुज़फ्फर वानी के मौत के बाद इकठ्ठा हुई भीड़ है

वीडियो को अपलोड करने वाला शख़्स यह दावा करता है की यह उग्रवादी बुरहान मुज़फ्फर वानी की मौत के चलते इकठ्ठा हुई भीड़ का वीडियो था | साढ़े चार मिनट लम्बे इस वीडियो में सुना जा सकता है की कहीं भी "इस पार भी लेंगे आज़ादी, उस पार भी लेंगे आज़ादी" के नारे नहीं लगाए जा रहे |

हालांकि इस वीडियो के मिलने पर हमने "Funeral procession of Burhan Wani" कीवर्ड्स के साथ गूगल सर्च किया तो इंडियन एक्सप्रेस द्वारा फ़ेसबुक पर अपलोड एक वीडियो मिला जो वानी की मौत के बाद इकठ्ठा भीड़ का था |

इंडिया टुडे द्वारा भी कई क्लिप्स प्रकाशित की गयीं जिसमें सामान पेड़ और पीछे का माहौल दिख रहा है परन्तु ज़ैदी द्वारा ट्वीट किया गया वीडियो कोई आधिकारिक प्रकाशन ने प्रकाशित नहीं किया | इन खोज के परिणाम स्वरुप हम इस क्लिप के पुराने होने की पुष्टि कर सकते हैं जिससे यह साफ़ होता है की पिछले हफ्ते से जम्मू कश्मीर में हो रही राजनैतिक उथल पुथल का इस वीडियो से कोई सम्बन्ध नहीं है |

इसके अलावा कश्मीर घाटी में धरा 144 अभी हटाई नहीं गयी है | धरा 144 यानी कर्फ्यू जिसके लागू होने पर चार लोगों से ज्यादा की भीड़ एक समय में एक जगह पर इकठ्ठा नहीं हो सकती जो इस ट्वीट के फ़र्ज़ी होने की पुष्टि करता है |

Claim Review :  कश्मीरियों ने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 35-A को रद्द करने के खिलाफ़ किया प्रदर्शन
Claimed By :  Facebook pages and Twitter handles
Fact Check :  FALSE
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