रामपाल के भक्तों का आज तक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन का पुराना वीडियो फ़िर हुआ वायरल

पोस्ट में दावा किया गया है की फ़ेक न्यूज़ प्रसारित करने के लिए भारत में पहली बार किसी मीडिया हाउस के ख़िलाफ़ इतना बड़ा प्रदर्शन हो रहा है

सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुए एक क्लिप में लोगों के एक बड़े समूह को न्यूज़ चैनल आज तक के विरुद्ध नारा लगाते देखा जा सकता है | वीडियो के साथ कैप्शन है: दलाल मीडिया की अब खैर नहीं | बहुत बढ़िया भारत मे पहली बार भ्रष्ट मीडिया के खिलाफ….महाप्रदर्शन | #आज तक News चैनल के द्वारा दिखाई गई झूठी खबरों के विरोध में लोग सड़क पर उतरे |

आप को बता दें की यह दावा फ़र्ज़ी है और वीडियो भी करीब एक साल पुराना है | वीडियो में दिख रहे लोग संत रामपाल के ख़िलाफ़ तथाकथित फ़ेक ख़बरें प्रसारित करने के लिए आज तक का विरोध कर रहे हैं |

हालांकि यह वीडियो ऐसे समय पर वायरल किया गया है जब भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफ़ी भर्तस्ना हो रही है | पुलवामा हमला और उसके बाद की परिस्थितयों को लेकर इन दोनों देशों की मीडिया ने जिस तरह की रिपोर्टिंग की है, उसके लिए इन्हे काफ़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है | और तो और विंग कमांडर अभिनन्दन ने भी पाक्सितान से भारत लौटने के पहले एक (एडिटेड) वीडियो में कथित तौर से भारतीय मीडिया को काफ़ी लताड़ा है | ऐसे समय पर इस वीडियो का वायरल होना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है |

इस वीडियो को फ़ेसबुक पर 'तारीख-ए -इस्लाम' नामक पेज पर शेयर किया गया है जहाँ इसे उन्नीस हज़ार से ज़्यादा शेयर्स मिले है।

इस पोस्ट के आर्काइवड वर्शन को यहाँ देखा जा सकता है।

इस वीडियो को फ़ेसबुक पर 'एस ए न्यूज़ चैनल' नामक पेज पर भी शेयर किया गया है जहाँ इसे अठारह हज़ार से ज़्यादा शेयर्स मिले है।

इस पोस्ट के आर्काइवड वर्शन को यहाँ देखा जा सकता है।

यह वीडियो फ़ेसबुक पर काफ़ी जगह शेयर किया गया है।

इस वीडियो को ट्वीट भी किया गया है।

फैक्टचेक

वीडियो को देखने से ही स्पष्ट हो जाता है कि दावा और क्लिप पूरी तरह से असंबंधित है।

वीडियो में एक मिनट 56 सेकंड पर कैमरा एक प्लेकार्ड के पास जाता है जिसमें लिखा है कि 'निर्दोष संत को बदनाम करना बंद करो'। इसके तुरंत बाद, भीड़ में से एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "हम संत रामपाल के समर्थक हैं।"

आपको बता दें की संत रामपाल को हरियाणा पुलिस ने खून के आरोप में वर्ष 2014 में गिरफ्तार किया था | उसी दौरान पुलिस और रामपाल के भक्तों में हुए झड़प में छः लोगों की जान भी गयी थी |

वायरल हो रहा वीडियो दरअसल वर्ष 2017 का है। रामपाल के भक्तों का आरोप था कि आज तक रामपाल के ख़िलाफ़ गलत ख़बरें प्रसारित कर रहा है | ये विरोध प्रदर्शन नॉएडा में हो रहा था |

यही वीडियो इससे पहले भी 3 अक्टूबर, 2017, को फ़ेसबुक पर अपलोड किया गया था।

2017 में फ़ेसबुक पर अपलोड किया गया वीडियो

इसी वीडियो को आप यूट्यूब पर भी देख सकते हैं जहां इसे अक्टूबर 3, 2017 को अपलोड किया गया था |



Claim Review :  आज तक न्यूज़ चैनल के द्वारा दिखाई गई झूठी खबरों के विरोध में लोग सड़क पर उतरे
Claimed By :  Facebook posts
Fact Check :  FALSE
Show Full Article
Next Story