खून से सने जूते की तस्वीर इजराइल से है, कश्मीर से नहीं

इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष के दौरान ली गई खून से सने जूते की तस्वीर एक बार फिर वायरल। तस्वीर के कश्मीर से होने का किया जा रहा है दावा।
हाल ही में फ़ेसबुक पर एक छोटी लड़की के खून से सने जूते की दिल दहला देने वाली तस्वीर फिर वायरल हो रही है । यह तस्वीर मई 2008 में फिलिस्तीनी आतंकवादियों द्वारा मिसाइल हमले के बाद इज़राइल के शॉपिंग मॉल में ली गई थी। लेकिन फ़ेसबुक पर ये एक फर्जी कहानी के साथ शेयर किया जा रहा है । दावा किया जा रहा है की ये तस्वीर कश्मीर से है । यह तस्वीर फ़ेसबुक यूज़र फिरदौस अहमद द्वारा पोस्ट किया गया था, और इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक तस्वीर को 4,800 बार शेयर किया गया था। अहमद के पोस्ट में दावा किया गया है कि, "10 वर्षीय बच्चे का जूता, जो पूरे भारत और भारतीय शासकों के लिए सबसे बड़ा खतरा था, जिसके लिए सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश कश्मीर में ऐसे निर्दोष बच्चों को मारने के लिए हज़ारों सशस्त्र बलों को भेज रहा है।" पोस्ट के आर्काइव्ड संस्करण को देखने के लिए यहां
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करें। यही तस्वीर ट्वीटर पर भी शेयर की जा रही है । ट्वीटर पर इस तस्वीर को रविवार को कश्मीर के कुलगाम में सात नागरिकों की मौत से जोड़ कर बताया जा रहा है। खबरों के मुताबिक मुठभेड़ स्थल पर हुए विस्फोट के बाद रविवार को सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए जबकि सात नागरिकों ने अपनी जान गंवा दी और 40 घायल हुए थे |
यही तस्वीर दिसंबर 2014 में वायरल हुई थी और इसे तालिबान द्वारा पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर आतंकवादी हमले की घटना से जोड़ा गया था । इस घटना में लगभग 150 मौतें हुई थी, जिनमें से ज्यादातर स्कूली बच्चे थे। बूम गूगल रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से यही तस्वीर खोज निकालने में कामयाब रहा है जिसे
विकीमीडिया कॉमन्स
पर अपलोड किया गया था । 14 मई, 2008 की तस्वीर को कुछ यह कह कर शेयर किया गया था। "ग़ाज़ा पट्टी के अंदर फिलिस्तीनी आतंकवादियों द्वारा दागे गए मिसाइल के बाद दक्षिणी इज़राइली शहर अशकेलोन में शॉपिंग मॉल के अंदर एक बच्चे का खून से सना जूता | 14 मई 2008 को एक मॉल में हुए विस्फोट में एक बच्चा और एक महिला सहित कई इज़राइली और अन्य नागरिक गंभीर रुप से घायल हुए हैं।" दिसंबर 2014 में जब इसे पेशावर स्कूल हमले से एक तस्वीर होने का दावा करते हुए वायरल किया जा रहा था तब बीबीसी ने इसे खारिज किया था । (यहां
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करे) खून से सने इस जूते की तस्वीर लेने वाले फोटोग्राफर, ईडी इज़राइल, ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने यह तस्वीर तब खींची थी जब अशकेलोन रॉकेट हमले में एक मां और बेटी घायल हो गए थे और बच्चे का जूता जमीन पर गिर गया था। बीबीसी की खबर के मुताबिक माँ और बच्चा, दोनों, हमले में बच गए थे और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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