वायरल वीडियो: क्या वाकई मुस्लिमों ने किया हिंदू मंदिर पर हमला? : एक पड़ताल

हिंदू मंदिर पर हमले का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा है कि यह हमला मुस्लिमों ने किया है। बूम ने इसकी जांच की है
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर मंदिर की तस्वीरों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक मंदिर का भयानक दृश्य दिखाया जा रहा है। वीडियो के साथ दिए गए संदेश में दावा किया जा रहा है कि, उत्तर प्रदेश के एक मदिंर में कुछ मुस्लिमों ने पांच ब्राह्मणों पर हमला किया है। लेकिन बूम ने करनाल पुलिस से बात की जिन्होंने बताया कि अब तक हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है और इसिलए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला हरियाणा के करनाल में मधुबन पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है। वीडियो में दिवार के सहारे बैठे खून से लथपथ एक व्यक्ति को दिखाया गया है। दिवार पर 'राम' लिखा हुआ है।  वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति, इसके बाद अपना फोन को दूसरे व्यक्ति की ओर ले जाता है, जिसका हाथ एक खाट से बंधा है और वह गतिहीन पड़ा है। वहीं जमीन पर तीसरा व्यक्ति भी खून से लथपथ गिरा हुआ देखा जा सकता है। उसके सिर पर गहरा घाव है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तब वायरल हुआ जब, ट्वीटर हैंडल,
'Modi ki Diwani ( Any Doubt)'
ने इसे 2 सितंबर, 2018 को शेयर किया। इस तथ्य को लिखने के समय इसे करीब 7,950 बार देखा गया है। ( ट्वीट के संग्रहीत संस्करण यहां देखें और और अन्य ट्विटर शेयर, यहां देखें )
कई ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश की पुलिस के आधिकारिक हैंडल को टैग किया और सख्त कार्रवाई की मांग की। इस वीडियो को फेसबुक पर भी इसी संदेश के साथ शेयर किया गया है। 18 अगस्त और 19 अगस्त, 2018 की मध्यरात्रि रात को मंदिर के पुजारी और मंदिर के सहायक की हमला कर हत्या कर दी गई थी। अज्ञात हमलावरों ने उत्तर प्रदेश-हरियाणा सीमा के पास मंगलोरा गांव में स्थित मंदिर के परिसर ('भाई-बहन मंदिर) और पास ही के श्री गोविंद गौ धाम आश्रम पर हमला किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार को सुबह मंदिर में जब लोग  प्रार्थना करने पहुंचे तो उन्होंने मंदिर का द्वार बंद पाया और साथ ही उन्हें मंदिर के भीतर से सहायता के लिए चीखें सुनाई दे रही थी। हमले में मंदिर पुजारी विनोद शर्मा और सेवादार सुल्तान की मौत हो गई थी। मधुबन के स्टेशन हाउस ऑफिसर, राजकुमार, ने बूम से बात करते हुए बताया कि घटना के कुछ दिनों बाद भी, दो अन्य लोग, पुजारी रविंदर और हरिंदर सिंह नाम के एक व्यक्ति अपनी चोटों से ठीक नहीं हो पाए हैं। हत्याओं की सूचना देने वाली हिंदी समाचार वेबसाइटों ने न तो संदिग्धों की पहचान का उल्लेख नहीं किया है और न ही ऐसा संकेत दिया है कि हमलावर मुस्लिम हो सकते हैं। मामले की जांच की जा रही है।
जागरण
, दैनिक भास्करं, LiveHindustan.com द्वारा रिपोर्ट की गई खबरों में बताया गया है कि पुजारी की जीभ काट दी गई थी लेकिन करनाल के डिप्टी एसपी, राजीव कुमार ने इस बात से इंकार किया है। हालंकि, बूम से बात करते हुए उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि पुलिस ने आश्रम के परिसर से शराब और कंडोम बरामद किया है, जैसा कि हिंदी वेबसाइटों ने रिपोर्ट में बताया है।
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