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भावनगर के ‘सिंघम’ का वीडियो हो रहा है वायरल

फैक्टचेकक

भावनगर के ‘सिंघम’ का वीडियो हो रहा है वायरल

जनता के बीच, पुलिस द्वारा अपराधियों की धुनाई करने का वीडियो गुजरात से है

 

इन दिनों ‘सिंघम’ का वीडियो तेजी से फैल रहा है। यह वीडियो फिल्म का नहीं है, बल्कि गुजरात के भावनगर के तलाजा शहर से है। वीडियो में सादे कपड़ों में पुलिस अफसर है जो जनता के बीच तीन आरोपियों को रस्सी से बांध कर, उनकी धुनाई कर रहा है। यह घटना पिछले हफ्ते की है।
 

बूम के कई पाठकों ने व्हाट्सएप के जरिए हमें यह वीडियो भेजा है ताकि हम सच्चाई का पता लगा सकें।

 

 

बूम ने गुजरात के एक स्थानीय संवाददाता से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि वीडियो में देखे जाने वाले तीन लोगों में से एक शैलेश धंधियलिया है, जो भावनगर से एक कुख्यात गैंगस्टर और हिस्ट्री-शीटर है। शैलेश के खिलाफ लूटपाट और अपहरण के कई मामले दर्ज हैं।
 

बूम ने पाया कि वीडियो में सादे कपड़ों में आरोपियों पर लाठी बरसाने वाला शख्स दीपक मिश्रा है। दीपक मिश्रा भावनगर में क्राइम ब्रांच में पुलिस निरीक्षक हैं।
 

एक स्थानीय समाचार वेबसाइट, देश गुजरात ने एक दूसरे वीडियो के साथ इस घटना के संबंध में सूचना दी थी। इस वीडियो में मिश्रा को भीड़ को संबोधित करते हुए दिखाया गया था, जो आरोपियों को इंगित करते हुए जनता से कह रहे हैं कि, “इन गैंगस्टर से डरने की जरुरत नहीं है।” वीडियो में तीनों अपराधियों को रस्सी से बंधे हुए, सड़क पर बैठे हुए देखे जा रहे हैं। दूसरे वीडियो में, मिश्रा ने “तलाजा के अन्य गिरोहियों को भी चेतावनी दी कि उनका अंजाम भी यही होगा।” मिश्रा का भाषण की वहां जमा हुए कई स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रशंसा की।
 


 

बूम ने दीपक मिश्रा से संपर्क किया जिन्होंने पुष्टि की कि वीडियो में दिखने वाले पुलिसकर्मी वही हैं। उन्होंने बताया कि तलाजा की सड़क पर उन्होंने तीन अपराधियों की परेड कराई थी। उन्होंने कहा कि जनता के बीच यह परेड, उनके “दिल से डर” निकालने के लिए कराई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी धंधियालिया है जो इस क्षेत्र का कुख्यात गैंगस्टर हैं और कुछ महीने पहले 10 साल की जेल की सजा काट कर रिहा हुआ है। अहमदाबाद पुलिस ने हाल ही में उसे एक अन्य अपराध के आरोप में गिरफ्तार किया और भावनगर अपराध शाखा को सौंप दिया क्योंकि मामला वहीं दर्ज था। भवनगर पुलिस उसे वापस तलाजा ले कर आई और सार्वजनिक रूप से उसे और उसके गिरोह के दो अन्य सदस्यों का परेड कराया और जनता के सामने लाठियों से पिटाई की।
 

भावनगर जिले के तलजा शहर में दर्ज एक हत्या के मामले में भावनगर पुलिस ने अहमदाबाद पुलिस ने 17 अगस्त, 2018 को शैलेश धंधियालया, उसके साथी मुकेश शियाल और ड्राइवर भद्रेश गोस्वामी उर्फ भरो को गिरफ्तार किया था, जैसा कि टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट में बताया गया है।
 


 

दीपक मिश्रा ने बूम से बात करते हुए बताया, “हां, मैंने तलाजा के निवासियों को दिखाने के लिए उसे और उसके सहयोगियों को सार्वजनिक रूप से परेड कराया ताकि लोगों को महसूस हो सके कि डरने की कोई बात नहीं है। वह एक कुख्यात गैंगस्टर है और जनता उससे बहुत डरती है। मैंने ये जनता की भलाई के लिए किया है।”
 

जब यह कहा गया कि आरोपी पर सार्वजनिक रूप से परेड कराना कानून के खिलाफ था, तो मिश्रा ने कहा, ” धंधियलिया हमें दिखा रहा था कि उसने हथियार कहां रखे थे और हमें अपने विभिन्न अड्डे तक ले जा रहा था।” उन्होंने फिर कहा, “धंधियलिया भी हमारे साथ दुर्व्यवहार कर रहा था और उसने कुछ पुलिसकर्मी को मारा भी था, इसलिए हमने उसे जनता के सामने पीटा। ”
 

लेकिन जब बूम ने यह बताया कि आरोपी के हाथ बंधे थे, तो मिश्रा ने कहा, “हमने जनता के लिए सब कुछ किया। इन गिरोहियों को एक सबक सिखाया जाना चाहिए और इसलिए हमने लोगों को दिखाया कि हम इन्हें किस स्थिति में नीचे ला सकते हैं। ”
 

इस घटना की तस्वीरें, स्थानीय गुजराती समाचार पत्रिका, पुलिस पोथी द्वारा ऑनलाइन पोस्ट करने के बाद मिश्रा ने भी अपने फेसबुक पेज पर इन तस्वीरों को शेयर किया। इस पोस्ट पर लोगों ने उन्हें “सिंघम” कह कर उनकी प्रशंसा की है। सिंघम एक फिल्म का पात्र है जो पुलिस है और अपराधियों के साथ ऐसी ही सख्ती से पेश आता है।
 

 

बूम ने पुलिस अधीक्षक, प्रवीण मल से भी बात की। उन्होंने कहा कि इस घटना की उनके पास जानकारी नहीं है। जबकि कहानी प्रकाशित होने तक, गुजरात के पुलिस महानिदेशक, शिवानंद झा से बात नहीं हो पाई थी।
 


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