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कांग्रेस आईटी सेल चीफ ने पुराना भ्रमक वीडिया किया साझा, उठाए मोदी की शिक्षा पर सवाल

कांग्रेस आईटी सेल चीफ ने पुराना भ्रमक वीडिया किया साझा, उठाए मोदी की शिक्षा पर सवाल

वह हिस्सा जहां मोदी बाहरी परीक्षाओं में भाग लेने और बीए और एमए की डिग्री प्राप्त करने के बारे में बोल रहे हैं वह दिव्या स्पंदना द्वारा साझा क्लिप का हिस्सा नहीं है।


कांग्रेस आईटी-सेल प्रमुख दिव्या स्पंदाना ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के शैक्षिक योग्यता के बारे में बोलते हुए लगभग दो दशक पुराने साक्षात्कार से एक भ्रामक वीडियो क्लिप को ट्वीट किया है। और इसके साथ ही उस विवाद को फिर से जिंदा कर दिया है जो कई सालों से मोदी के आस-पास घूमता रहा है।

यह वीडियो एक साक्षात्कार का एक क्रॉप्ड संस्करण है जिसे मोदी ने राजीव शुक्ला के कार्यक्रम रु-ब-रु के लिए दिया था।

भ्रामक क्लिप, राजीव शुक्ला द्वारा पूछे गए सवाल और मोदी द्वारा दिए गए जवाब के आधार पर दर्शक को यह मानने के लिए प्रेरित करती है कि मोदी केवल हाई स्कूल तक पढ़े हैं।

 

स्पंदना ने सोमवार को एक हिंदी कैप्शन के साथ वीडियो साझा किया था, जिसमें कहा गया है कि, “बड़ी मुश्किल से विडियो ढूंढा है, ये 1998 का इन्टरव्यू है जिसमे साहब खुद कह रहे है हाई स्कूल तक पढा हूँ, लेकिन आज साहब के पास ग्रेजुएशन की डिग्री है, जो 1979 मे किया था!”

 

 

नीचे 29 सेकंड वीडियो की प्रतिलिपि दी गई है।

 

मोदी: “पहली बात तो यह कि मैं कोई पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं हूं। परमात्मा की कृपा रही है और इसलिए मुझे नई-नई चीजें जानने का बहुत शौक रहा है। ”

 

शुक्ला: कितना पढ़े हैं आप?

 

मोदी: वैसे तो मैंने 17 साल की आयु में घर छोड़ दिया था। स्कूली शिक्षा के बाद मैं निकल गया। तब से लेकर आज तक मैं भटक रहा हूं नई चीजें पाने के लिए।

 

शुक्ला: सिर्फ स्कूल तक पढ़े हैं आप? मतलब प्राइमरी स्कूल तक?

 

मोदी: हाईस्कूल तक।

 

लेकिन शुक्ला द्वारा मोदी के पूर्ण साक्षात्कार पर एक नजर डालें तो पूरी तरह से अलग तस्वीर नजर आती है। साक्षात्कार के समय मोदी एनडीए सरकार के दौरान बीजेपी के महासचिव के रूप में बोल रहे थे। यूट्यूब पर साक्षात्कार की खोज करने पर 23 मीनट का साक्षात्कार मिलता है जिसे पांच भागों में विभाजित किया गया है। यह पांचवें हिस्से में है, मोदी कहते हैं कि उन्होंने “केवल हाईस्कूल तक ही पढ़ाई की है।” यह कहने के तुरंत बाद, मोदी निम्नलिखित बात कहना जारी रखते हैं –

 

“लेकिन इसके बाद एक संघ नेता के आग्रह पर, मैंने बाहरी परीक्षाओं में भाग लेना शुरू कर दिया। मैंने बाहरी विश्वविद्यालय के माध्यम से दिल्ली विश्वविद्यालय से आर्ट्स में स्नातक किया। लेकिन उन्होंने आग्रह किया, इसलिए मैंने बाहरी परीक्षा के माध्यम से आर्ट्स में अपने परास्नातक पूरे किए। लेकिन मैंने कभी कॉलेज गेट नहीं देखा है। ”

 

“बाद में हमारे संघ के अधिकारी थे, जिनके बड़े आग्रह पर मैंने बाहरी परीक्षा देना शुरु किया। तो दिल्ली विश्वविद्यालय से मैने बीए कर लिया बाहरी परीक्षा दे कर। फिर उनका आग्रह रहा तो एमए कर लिया बाहरी परीक्षा से। मैंने कभी कॉलेज का दरवाजा नहीं देखा। यूनवर्सिटी में पहले आ गया मैं।”

 

वह हिस्सा जिसमें मोदी परीक्षा में भाग लेने और बीए और एमए की डिग्री प्राप्त करने की बात कर रहे हैं, वह स्पंदना द्वारा साझा की गई क्लिप का हिस्सा नहीं है।

 

हालांकि, स्पंदना ने जल्द ही Alt News से एक लेख साझा करके एक स्पष्टीकरण जारी किया, लोकिन मूल ट्वीट अभी भी मौजूद है और इसे 3,000 से अधिक बार रिट्वीट किया है और 5,900 से अधिक बार लाइक किया गया है।

 

 

पूरा साक्षात्कार देखें (20:51 से आगे)

 

 

ट्वीट के टेक्सट के साथ एक खोज से पता चलता है कि वीडियो फेसबुक और व्हाट्सएप पर भी वायरल हो गया है।


प्रधान मंत्री मोदी की शैक्षिक डिग्री पर विवाद

यह वीडियो 2016 में चर्चा में था जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी की शैक्षिक योग्यता के बारे में सवाल उठाए और केंद्रीय सूचना आयोग से विवरण सार्वजनिक करने के लिए कहा था।

 

केजरीवाल के सवालों के एक हफ्ते बाद, उपर्युक्त संपादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 2016 में उसी वीडियो को मोदी के शैक्षिक योग्यता के “सबूत” के रूप में ट्वीट किया था।

 

लेकिन मोदी की शैक्षिक योग्यता पर विवाद नया नहीं है। 2014 के आम चुनावों और 2012 और 2007 के गुजरात चुनावों में दायर हलफनामे के साथ, यह दावा है कि उनके पास स्नातक ( बीए ) और परास्नातक ( एमए ) की डिग्री है। प्रधान मंत्री कार्यालय में, मोदी की शैक्षिक विवरण के अनुरोध के साथ आवेदनों की बाढ़ आ गई थी।

 

गुजरात विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ कई आरटीआई दायर किए गए थे। सीआईसी और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद, डीयू और जीयू दोनों ने डिग्री के विवरण जमा किए लेकिन इसने एक और विवाद बढ़ाया। अपनी वेबसाइट जीयू द्वारा प्रदर्शित डिग्री में कहा गया है कि मोदी ने “संपूर्ण राजनीतिक विज्ञान” में “बाहरी छात्र” के रूप में डिग्री हासिल की है, जबकि डीयू द्वारा प्रस्तुत किए गए विवरण में मोदी के नाम और जन्म तिथि में विसंगतियां थीं।

 

इससे कई लोगों ने दावा किया कि डिग्री नकली थी और संदेहों को दूर करने के लिए बनाया गया था। लेकिन यह साबित करने के लिए कोई निर्णायक साक्ष्य नहीं है कि डिग्री नकली हैं।

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