Connect with us

आपने देखा फौज में भर्ती का ये विज्ञापन, सावधान ये फर्जी है

आपने देखा फौज में भर्ती का ये विज्ञापन, सावधान ये फर्जी है

बूम से बात करते हुए, असम के एडीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि भारतीय सेना ने राज्य पुलिस को सूचित किया है कि ये विज्ञापन फर्जी है।

 

हाल ही में एक वेबसाइट पर प्रादेशिक सेना में भर्ती होने का विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। असम पुलिस के अनुसार,ये विज्ञापन फर्जी है। असम पुलिस को यह विज्ञापन नकली होने के संबंध में भारतीय सेना से सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने ट्वीटर पर एक परामर्श जारी किया, जिसमें फर्जी विज्ञापन का ब्योरा दिया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि कैसे लोग इस विज्ञापन के झांस में आए हैं और टेस्ट के लिए सेना मौदान तक पहुंचे हैं।

 

 

यह विज्ञापन Gurugovt.in नाम की वेबसाइट पर डाला गया था। यह एक नौकरी की जानकारी देने वाली साइट है जो नियमित रूप से सरकारी नौकरियों के बारे में पोस्ट करती है। इस विज्ञापन का शिषर्क TA Army Open Rally Bharti 2018 All zone latest recruitment schedule 2018-19 दिया गया था और प्रादेशिक सेना द्वारा विभिन्न राज्यों में होने वाली भर्ती रैलियों की विस्तृत सूची भी दी गई थी।

 

Screenshot of the website that carried the fake Ad

 

प्रादेशिक सेना भारतीय सेना की एक ईकाई और सेवा है,साथ ही एक स्वयंसेवी बल है। इसके स्वयंसेवकों को प्रतिवर्ष कुछ दिनों का सैनिक प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य खतरों की स्थितियों के दौरान नागरिक प्रशासन की सहायता कर सकें। यह नागरिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिकों की भी भर्ती करता है।

 

बूम से बात करते हुए असम के एडिशनल डॉयरेक्टर जेनरल ऑफ पुलिस, हरमीत सिंह ने कहा, वेबसाइट पर पहला विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद टेस्ट के लिए सैकड़ों उम्मीदवार असम के सोनितपुर जिले के ठाकुरबरी गांव में सेना के मैदान तक पहुंचे थे। इसके बाद भारतीय सेना ने राज्य पुलिस को इसकी सूचना दी।

 

वेबसाइट पर प्रकाशित विज्ञापन में लिखा गया है कि इस वर्ष के 7-10 अगस्त से असम में ठाकुरबारी में एक भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इस जानकारी के साथ, गांव के सेना मैदान में कई लोग इकट्ठा हो गए। सिंह ने बताया कि, अधिकारियों द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि वहां मौजूद कई लोगों ने gurugovt.com नामक वेबसाइट पर विज्ञापन देखा है और प्रादेशिक सेना में भर्ती के लिए वहां आए हैं।

 

उन्होंने कहा कि इसके बाद सेना और असम पुलिस ने साइट की जांच की और पाया कि कोकराझार में भर्ती रैली के लिए दूसरा विज्ञापन दिया गया है। दूसरे विज्ञापन में कहा गया है कि 135 इन्फैंट्री बटालियन (क्षेत्रीय सेना) ईसीओ असम, 4 सितंबर से 6 सितंबर तक कोकराझार में तटागुड़ी में एक रैली आयोजित करेगा। यह जानकारी भी फर्जी है।

 

कोकराझार में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए, असम पुलिस ने मीडिया को एक बयान जारी किया और इसे अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट तक ले गए, जहां उन्होंने बताया कि विज्ञापन फर्जी है।  एक वरिष्ठ पुलिस सूत्र ने बूम को बताया कि फर्जी विज्ञापन कानून और व्यवस्था की समस्याओं का कारण बन सकते हैं क्योंकि भर्ती के लिए नकली खबर पढ़ने के बाद कई युवा इकट्ठे होते हैं।

 

बूम ने सूची की जांच की और पाया कि पोस्ट को और सच्चा दिखाने के लिए, विज्ञापन में प्रादेशिक सेना की वेबसाइट के एक लिंक का उल्लेख है-http: //www.territorialarmy.in/। लेकिन साइट पर जाने से पता चलता है कि वर्ष 2018 के लिए प्रादेशिक सेना में कमीशन के लिए पीआईबी के लिए स्क्रीन अधिसूचना के शीर्ष पर अधिसूचना अभी तक प्रकाशित नहीं है। इसे जल्द ही https://www.indianarmy.nic.in/और www.joinindianarmy.nic.in, स्थानीय समाचार पत्रों और रोजगार समाचार के माध्यम से सूचित किया जाएगा।


 

Gurugovt नाम के इस वेबसाइट पर ‘संपर्क’ या ‘हमारे बारे’ में पेज नहीं है लेकिन इसकी डोमेन रजिस्ट्री की खोज से पता चलता है कि यह राजस्थान में एमिनेन्स अकादमी के शिवम भतेजा के नाम पर सूचीबद्ध है। बूम से बात करते हुए भतेजा ने वेबसाइट का मालिक होने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्होंने छह महीने पहले संदीप नाम के दूसरे व्यक्ति को ऑपरेशन सौंप दिया था।
 

जब बूम ने संदीप से बात की तो उन्होंने शुरुआत में इस बात से इनकार किया कि यह सूची फर्जी थी और समझाया कि उन्होंने केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों से विवरण अपलोड किए हैं। उन्हें असम पुलिस परामर्श के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी और फिर कहा, “सूची को गलती से साइट पर अपलोड किया गया था” और इसे हटा दिया जाएगा।

(बूम अब सारे सोशल मीडिया मंचो पर उपलब्ध है | क्वालिटी फ़ैक्ट चेक्स जानने हेतु टेलीग्राम और व्हाट्सएप्प पर बूम के सदस्य बनें | आप हमें ट्विटर और फ़ेसबुकपर भी फॉलो कर सकते हैं | )

A former city correspondent covering crime, Nivedita is a fact checker at BOOM and works to stop the spread of disinformation and misinformation. When not at work, she escapes into second-hand bookstores, looking for magic or a mystery.

Click to comment

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

FACT FILE

Recommended For You

To Top