मकर संक्रांति पूर्वोत्तर भारत का एक बड़ा त्योहार है जो हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है.

इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और दक्षिणायन से उत्तरायण में आता है. दिन बड़ा और रातें छोटी होने लगती हैं. आने वाले दिनों में ठण्ड कम होने लगती है और गर्मी बढ़ने लगती है.

संक्रांति से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. इस दिन लोग बड़ी तादाद में पतंगबाज़ी करते हैं. तिल से बनी मिठाइयों के अलावा उत्तर भारत में नये चावल की खिचड़ी देसी घी के साथ चाव से खाते हैं.

इस उत्सव को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. पंजाब और हरियाणा में संक्रांति से एक दिन पहले यानी जनवरी 13 को लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है.

यूपी-बिहार में इसे ‘खिचड़ी’, तमिलनाडु में 'पोंगल' के नाम से मनाया जाता है और असम में 'माघ बिहू'.

मकर संक्रांति को फ़सलों से जुड़े त्योहार के रूप में भी जाना जाता है. दरअसल, यही वो समय होता है जब फ़सल तैयार होती और उसकी कटाई शुरू होती है.