12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने नमक क़ानून के ख़िलाफ़ दांडी यात्रा शुरू की थी. आज इसको 91 साल पुरे हुए हैं.
दांडी मार्च ब्रिटिश नमक एकाधिकार के ख़िलाफ़ एक प्रतिरोध अभियान था. 24 दिनों की ये पद यात्रा साबरमती आश्रम से दांडी तक की गई थी.
गांधी के अहिंसा के सिद्धांत पर आधारित, दांडी मार्च को 'नमक सत्याग्रह' भी कहा जाता है.
अंग्रेज़ों के नमक कानून के अनुसार भारतीय गुजरात के तट पर उपलब्ध नमक इस्तेमाल नहीं कर सकते थे और उन्हें जबरन अंग्रेज़ो से नमक खरीदना पड़ता था.
6 अप्रैल 1930 को नवसारी जिले के दांडी पहुंच कर गांधीजी ने एक मुट्ठी नमक उठाकर अंग्रेज़ो का कानून भंग किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दांडी पुल से एक प्रतीकात्मक दांडी यात्रा का आव्हान किया. उन्होंने अहमदाबाद, गुजरात से ‘अमृत महोत्सव’ की शुरुआत भी की.