छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म पुणे के पास शिवनेरी क़िले में 19 फ़रवरी 1630 को हुआ था. आज उनकी 391वीं सालगिरह है. शिवाजी भोंसले पहले छत्रपति और मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे.

हिन्दू शासक

आत्मसम्मान की बात हो या स्वतंत्रता की लड़ाई, शिवाजी हमेशा प्रासंगिक रहे. उन्हें 'मराठा गौरव' माना जाता है. उन्होंने अपने राज्य की राजनीती और न्याय व्यवस्था में पुरातन हिन्दू रीतिरिवाज़ शामिल किए.

जयंती की शुरुआत

छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती या शिव जयंती 1870 में पहली बार पुणे में मनाई गयी. इसकी शुरुआत ज्योतिराव फुले ने की थी.

मराठा साम्राज्य

उन्हें 6 जून 1674 को छत्रपति की उपाधि मिली. मराठा साम्राज्य की स्थापना भी उन्होंने 1674 में की थी.

बाल गंगाधर तिलक

स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने शिवाजी महाराज के कार्यों का प्रसार किया. ब्रिटिश राज के खिलाफ़ लोगों में उत्साह भरने और इकठ्ठा करने के लिए तिलक ने शिवाजी की गाथाएं सुनाई.

मराठी

अपने न्यायालयों और प्रशासन में उन्होंने मराठी और संस्कृत के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया. इन भाषाओं को फ़ारसी, जो उस वक़्त चलन में थी, के ऊपर तवज्जो दी गयी.

जल रणनीति

छत्रपति ने अपने शासन में जलसेना और जल के रास्ते व्यापार को मज़बूत किया. उन्होंने कई क़िले बनवाए और कई पर कब्ज़ा किया. इनमें रायगढ़ क़िला, शिवनेरी क़िला, सिंधुदुर्ग क़िला, पन्हाला का क़िला आदि शामिल हैं.